23 March 2012

Latest UTTAR PRADESH News : यूपीः नौकरी के लिए बन गए ‘विकलांग’

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड में अब भूतपूर्व सैनिक और विकलांग का फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर नौकरी पाने का मामला सामने आया है। टीजीटी सामाजिक विज्ञान और कला में कई अभ्यर्थियों को गलत ढंग से अंक देकर चयन कर लिया गया। पूर्व सैनिक कोटे में मानक से अधिक चयन होने की शिकायत पर यह फर्जीवाड़ा सामने आया है। इस परिणाम में चयन बोर्ड के अध्यक्ष और सदस्यों के कई नजदीकी रिश्तेदार भी शामिल हैं।

कुछ अभ्यर्थियों ने उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की ओर से 17 फरवरी को जारी टीजीटी (सामाजिक विज्ञान) और कला के परिणाम में गलत ढंग से अंक देकर चयन का आरोप लगाया है। चयन बोर्ड की ओर से जारी परिणाम में सामाजिक विज्ञान सामान्य श्रेणी में ही अकेले 178 अभ्यर्थियों में से 14 को भूतपूर्व सैनिक कोटे में सफल घोषित किया गया है। वहीं ओबीसी के 156 पदों में भूतपूर्व सैनिक कोटे से सात अभ्यर्थी चुने गए हैं। सबसे चौंकाने वाली बात एससी कोटे के 192 पदों के लिए भूतपूर्व सैनिक कोटे से कोई अभ्यर्थी नहीं चुना गया है।

इससे पहले सामाजिक विज्ञान में कुल सात अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा में पास नहीं होने के बाद भी अंतिम चयन में सफल घोषित करने का मामला सामने आया था। ‘अमर उजाला’ में हुए इस खुलासे के बाद चयन बोर्ड ने टीजीटी और पीजीटी के परिणाम में संशोधन कर छह अभ्यर्थियों को अंतिम चयन सूची से बाहर कर दिया था।

चयन बोर्ड की ओर से परिणाम में बदलाव के बाद मेरठ, गाजियाबाद और आगरा के कई अभ्यर्थियों ने ‘अमर उजाला’ से सम्पर्क कर साक्षात्कार के समय गलत ढंग से अंक देकर अपनों के चयन का आरोप लगाया है। रागिनी, मोहनलाल, कौशलेन्द्र, संजय सहित कई अभ्यर्थियों का कहना है कि बोर्ड के पदाधिकारियों ने मनमाने ढंग से भूतपूर्व सैनिक का फर्जी प्रमाण पत्र लगवाकर अपनों का चयन करवा लिया। चयन बोर्ड की इस मनमानी के खिलाफ साक्षात्कार में शामिल अभ्यर्थियों ने शासन को शिकायत भेजी है।

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