09 August 2012

Latest SECOND GRADE News : ग्रेड सेकण्ड शिक्षक भर्ती: 'अंग्रेजी में हिन्दी माध्यम का प्रश्न पत्र क्यों दिया'

जयपुर.विज्ञान विषय की द्वितीय श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा 2011 में अंग्रेजी माध्यम के परीक्षार्थी को हिन्दी माध्यम का प्रश्न पत्र देने पर हाईकोर्ट ने आरपीएससी से स्पष्टीकरण मांगा है। अदालत ने आरपीएससी से पूछा है कि जब भर्ती परीक्षा में परीक्षार्थियों को हिन्दी व अंग्रेजी माध्यम का विकल्प दिया था तो उन्होंने अंग्रेजी माध्यम के परीक्षार्थी को हिन्दी माध्यम का प्रश्न पत्र क्यों दिया। 


यदि एक माध्यम में ही प्रश्न पत्र देने का निर्णय लिया था तो इसकी सूचना परीक्षार्थियों को क्यों नहीं दी। मामले की आगामी सुनवाई 14 अगस्त तक एक पर खाली रखने का निर्देश दिया। कोर्ट ने यह अंतरिम आदेश नरेश कुमार की याचिका पर दिया। इसमें कहा कि विज्ञान विषय की द्वितीय श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा 20 दिसंबर को हुई थी लेकिन इसमें परीक्षार्थी को अंग्रेजी माध्यम होने के बावजूद भी प्रश्न पत्र हिन्दी में दिया। 

माध्यम अलग होने के कारण परीक्षार्थी प्रश्न पत्र सही तरीके से हल नहीं कर सका और उसके अंक कम आए। इसे हाईकोर्ट में चुनौती देने पर आरपीएससी ने जवाब में कहा कि फुल कमीशन ने तय किया था कि सभी विषयों के प्रश्न पत्र हिन्दी भाषा में ही दिए जाएं और केवल तकनीकी शब्दों को ही अंग्रेजी में लिखा जाए, इसलिए सभी विषय में हिन्दी माध्यम में प्रश्न पत्र दिए।

10 comments:

deepakdwivedi said...

अभ्यर्थियों से मिले आजम खान
लखनऊ, एजेंसी
First Published: 12-07-12 03:02 PM
उत्तर प्रदेश के नगर विकास मंत्री आजम खान ने गुरुवार को राजधानी लखनऊ में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थियों से मुलाकात कर उनकी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया।
राजधानी लखनऊ में विधानसभा के पास सुबह करीब 11 बजे के आसपास टीईटी अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन शुरू किया। अभ्यर्थियों की मांग है कि सरकार उन लोगों पर जल्द से जल्द कोई फैसला ले।
प्रदर्शन में हजारों अभ्यर्थी शामिल हुए। मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर विकास मंत्री आजम खान स्वयं विधानसभा के सामने प्रदर्शनकारियों से मिलने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने के दौरान उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार के साथ उनकी बातचीत का रास्ता खुला है और जल्द ही इस मामले में किसी निर्णय पर पहुंचा जाएगा। प्रदर्शन को देखते हुए विधानसभा और उसके आसपास पुलिस बल की भारी तैनाती की गयी थी।

deepakdwivedi said...

आमरण अनशन की चेतावनी
Story Update : Friday, August 10, 2012 12:01 AM
रुद्रप्रयाग। 15 अगस्त तक जिले में विशिष्ट बीटीसी के पदाें में बढ़ोतरी न होने पर टीईटी उत्तीर्ण प्रशिक्षित बेरोजगाराें ने जिला शिक्षाधिकारी कार्यालय में तालाबंदी के साथ ही आमरण अनशन की चेतावनी दी है। टीईटी उत्तीर्ण प्रशिक्षित बेरोजगार संघ की बैठक जिलाध्यक्ष मनोहर प्रसाद सेमवाल ने आरोप लगाया कि इस बारे में बार-बार आश्वासन देकर गुमराह किया जा रहा है। बैठक में बासुदेव नेगी, राजेश भट्ट, गोपाल नेगी, गणेश भट्ट, वीरेंद्र बिष्ट, प्रदीप नेगी, मनोज बुटोला, महेंद्र नौटियाल, भीमराज आर्य आदि उपस्थित थे।

deepakdwivedi said...

बेरोजगारों के करोड़ों रुपये दबा गई सरकार
वरिष्ठ संवाददाता, इलाहाबाद : सरकार एक तरफ बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता बांट रही है, वहीं दूसरी तरफ बेरोजगारों का करोड़ों रुपये सरकारी खजाने में कैद है। यह वही पैसा है, जिसे तत्कालीन बसपा सरकार ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के अभ्यर्थियों से आवेदन शुल्क के रूप में लिया था। बेसिक शिक्षा विभाग ने प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में 30 नवंबर, 2011 को सहायक अध्यापकों के 72, 825 पदों पर आवेदन मांगे थे। पहले हर आवेदक को पांच जिलों में आवेदन की छूट दी गई थी। सामान्य व पिछड़ी जाति केलिए एक जिले में आवेदन का शुल्क 500रुपये। अनुसूचित जाति/जनजाति अभ्यर्थी का शुल्क 250 रुपये व विकलांग अभ्यर्थियों का निश्शुल्क रखा गया था। प्राथमिक स्तर की टीईटी परीक्षा में 2 लाख 70हजार से अधिक आवेदन हुए थे। 12 दिसंबर, 2011 को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने आदेश में पांच जनपदों में आवेदन करने संबंधी आदेश को निरस्त कर दिया था। अभ्यर्थियों को मनचाहे जिलों से आवेदन करने की छूट दी गई। इस आदेश के पहले ही अधिकांश अभ्यर्थियों ने पांच-पांच जिलों में आवेदन कर दिया।

Prinjana said...

फर्जी प्राइमरी टीचर की भरमार है गाजीपुर, मऊ जिलो मे सभी बङे आराम से अधिकारियो और बाबूओ से मिलकर अपना varification करा रहे है।एक गैग सक्रिय है जो बङे आराम से फर्जी नियुक्ति करा रहा है।

Prinjana said...

वाह रे फर्जियो की सरकार। बिना कोई शैक्षिक पढाइ या सर्टिफिकेट के नियुक्त हुए फर्जी प्राइमरी टीचरो का रिटायरमेन्ट आखिर कब तक होगा।

deepakdwivedi said...

Aaj dainik jagran ne Tet par kuch swal utaye hai, 1: Tet ko exam k 4 din pahle patrta se chyn k aadhar kyu bnaya gya, 2: form k liye alag alag 1000 rs kyu banaya gya, ye sabhi swal isme dhadhli ko ispst krte hai, zinka uttar syad kisi k paas nhi hai.

deepakdwivedi said...

Kuch tet merit holder kh rhe hai bharti ho to tet merit se nhi to te cancel ho, ab in murkho ko kaun samjhaye ki agar tet cancel hokr phir se hoto hai to bhi aadhar acd hi rahega.

deepakdwivedi said...

Court ne niymavali me sansodhan krne ko kha hai na ki tet merit banane ko, niymavali me sasodhan ka matlab hai, jo niyam cabinet baithak me pass hue hai unhe puri trah likhit rup se lagu kiya jay, tet ank ki wintage ki baat to khi hue hi nhi aur na hi kisi news paper me aaye hai.

krishna said...

U right deepak ji .agar tet cancel hokar dobara hoti he. To chayan ka adhar acd hi. Hoga. In tet merit murkho ko koun smjhye.ye cm ki mansa abi tk ni jan pye.wo to chte h ye radh ho .or acd bharti bhal ho. Islye aaps m ldo mt jo ho rha h. Hone do ab koi kuch ni kr skta.

deepakdwivedi said...

वरिष्ठ संवाददाता, इलाहाबाद : माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड मे अध्यक्ष व सदस्यों के कई पद रिक्त चल रहे हैं। अध्यक्ष व सदस्यों के पद रिक्त होने के कारण नियुक्ति से रोक हटने के बावजूद चयन प्रक्रिया ठप है। ऐसे में अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में प्रवक्ता व प्रिंसिपल के हजारों रिक्त पद नहीं भरे जा पा रहे हैं।माध्यमिक विद्यालयों में पठन-पाठन प्रभावित न हो शासन ने इसी मंशा से सबसे पहले प्रदेश में इन्हीं पर से नियुक्ति प्रक्रिया पर से रोक हटाई थी, पर शासन की मंशा पर पानी फिर रहा है।चयन बोर्ड के अध्यक्ष पर भ्रष्टाचार के आरोप लगने और हाईकोर्ट द्वारा उनके अधिकार सीज किए जाने के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया था, तबसे यह पद रिक्त चल रहा है। माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड में प्रशिक्षित स्नातक व प्रवक्ता के लगभग दो हजार पदों के लिए छह लाख के लगभग आवेदन पत्र मिले थे। इसके अलावा प्रिंसिपल के भी लगभग एक हजार पदों पर चयन के लिए 70 हजार से अधिक आवेदन पत्र मिले हैं। अध्यक्ष का पद व सदस्यों के छह पद रिक्त होने से यहां नियुक्ति प्रक्रिया ठप है, ऐसे में लंबित परीक्षाएं कब शुरू हो पाएंगी इस पर कोई निर्णय नहीं हो पा रहा है।

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