विवादों में अध्यक्ष
चयन बोर्ड में अनियमितता का मामला पहली बार अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था। टीजीटी-पीजीटी में घोटाले का पर्दाफाश होने पर तत्कालीन माध्यमिक शिक्षा मंत्री ने जांच बैठा दी थी। जांच में फर्जी नियुक्ति के मामले पकड़े गए। सचिव माध्यमिक शिक्षा ने दस साल की भर्तियों पर जांच बैठा दी। जांच के कारण दो हजार चयनित शिक्षकों को ज्वाइनिंग नहीं मिली। इससे भी बड़ा विवाद टीजीटी-पीजीटी में अध्यक्ष और एक सदस्य के रिश्तेदारों के चयन पर हुआ। विवाद से दोनों का चयन निरस्त कर दिया गया और अध्यक्ष डॉ.आरपी वर्मा के खिलाफ जांच बैठा दी गई। दो दिन पहले शासन ने अध्यक्ष का कामकाज पर ही रोक लगा दी जिससे सारी भर्तियां प्रभावित हो गई हैं।


